जनवरी में जन्मे मूलांक 9: एक नज़र में
- मूलांक
- 9
- स्वामी ग्रह
- मंगल — और जन्म शनि के मौसम में
- पश्चिमी राशि
- मकर (9 और 18 तारीख) · कुंभ (27 तारीख)
- भारतीय सूर्य राशि
- धनु (9 तारीख) · मकर (18 और 27 तारीख)
- शुभ अंक
- 9
- सबसे शुभ तारीखें
- हर महीने की 9, 18 और 27
- किन अंकों से बचें
- 4 और 8 (परंपरा के अनुसार)
- शुभ रंग
- गुलाबी, किरमिजी और लाल के सारे शेड
- शुभ रत्न
- माणिक, गार्नेट, ब्लडस्टोन — या मूंगा (भारतीय परंपरा)
मूलांक 9 किसका होता है? (10 सेकंड में चेक करें)
अपनी जन्म तारीख के अंकों को तब तक जोड़ते रहें, जब तक एक ही अंक न बचे। अगर आपका जन्म जनवरी — या किसी भी महीने — की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो जोड़ 9 आएगा। यही आपका मूलांक 9 है। इसमें महीना और साल नहीं गिने जाते।
- 9 → 9
- 18 → 1 + 8 = 9
- 27 → 2 + 7 = 9
ध्यान दें: यह आपका मूलांक है, भाग्यांक (लाइफ़ पाथ नंबर) नहीं। भाग्यांक पूरी जन्मतिथि — दिन, महीना और साल — के सारे अंक जोड़कर निकलता है। “9, 18 या 27 तारीख को जन्म” का मतलब हमेशा मूलांक से ही होता है।
जनवरी की किसी और तारीख को जन्म हुआ है? अपना मूलांक यहाँ चुनें।
27 जनवरी को मकर राशि होती है या कुंभ? (ज़्यादातर गाइड यहीं गलती करती हैं)
पश्चिमी ज्योतिष में 27 जनवरी की राशि कुंभ (Aquarius) है — सूर्य हर साल 19 से 21 जनवरी के बीच कुंभ में चला जाता है। भारतीय (निरयन) ज्योतिष में 27 जनवरी मकर राशि में आती है, क्योंकि वहाँ सूर्य मकर संक्रांति, यानी 14 जनवरी के आसपास मकर में प्रवेश करता है।
| जन्मतिथि | पश्चिमी (सायन) | भारतीय (निरयन) |
|---|---|---|
| 9 जनवरी | मकर (Capricorn) | धनु |
| 18 जनवरी | मकर (Capricorn) | मकर |
| 27 जनवरी | कुंभ (Aquarius) | मकर |
खगोलीय डेटा बताता है कि 1930 से 2050 तक हर साल सूर्य 19 से 21 जनवरी के बीच कुंभ राशि में पहुँच जाता है — यानी आप दुनिया में कहीं भी पैदा हुए हों, 27 जनवरी तक यह सीमा काफ़ी पीछे छूट चुकी होती है। ख़ुद परंपरा वाली किताब भी मकर राशि को सिर्फ़ 21 दिसंबर से 21 जनवरी तक ही मानती है।
भारतीय पंचांग की बात करें तो, एक जाने-माने पंचांग के अनुसार 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3:13 बजे सूर्य मकर राशि में आया12 — यानी 9 तारीख धनु में आती है, और 18 व 27 तारीख मकर में।
ऊपर बताई गई राशियाँ सूर्य राशि हैं। भारतीय ज्योतिष में जब कोई “आपकी राशि” पूछता है, तो आम तौर पर उसका मतलब जन्म राशि (चंद्र राशि) से होता है, और लग्न भी बहुत मायने रखता है। इन दोनों को जानने के लिए आपकी सही जन्म तारीख, समय और जगह चाहिए।
जनवरी और मकर राशि के बारे में विस्तार से: जनवरी में जन्मे लोगों की पूरी गाइड
मूलांक 9 का स्वामी ग्रह कौन है?
मूलांक 9 का स्वामी मंगल है — जोश, हिम्मत और एक्शन का ग्रह। जनवरी में जन्मे मूलांक 9 वाले शनि के मौसम में पैदा होते हैं, और शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार मंगल मकर राशि में उच्च का होता है: यानी कच्चा जोश, जिसे अनुशासन कामयाबी में बदल देता है।
मंगल (अंक 9) ऊर्जा, साहस, एक्शन और टकराव का ग्रह है। पश्चिमी और भारतीय, दोनों अंक ज्योतिष 9 को मंगल से जोड़ते हैं।
शनि, जो मकर राशि का स्वामी है, अनुशासन, सहनशक्ति और ज़िम्मेदारी देता है। (शनि का अपना अंक 8 है — पढ़ें जनवरी में जन्मे मूलांक 8 वाले।)
जनवरी को ख़ास बनाने वाली बात। दोनों परंपराएँ कहती हैं कि मंगल मकर राशि में उच्च का होता है — यानी अपनी पूरी ताक़त पर — ख़ास तौर पर 28 डिग्री पर2। इसे ऐसे समझिए: शनि के मज़बूत किले के अंदर जलती मंगल की आग। पूरी रीडिंग का सार इसी एक तस्वीर में है — बड़ी महत्वाकांक्षा, लेकिन काबू में।
मूलांक 9 वालों का स्वभाव कैसा होता है?
परंपरा जनवरी में जन्मे मूलांक 9 वालों को बहादुर, महत्वाकांक्षी और पैदाइशी ऑर्गनाइज़र बताती है, जो बड़ी ज़िम्मेदारी मिलने पर खिल उठते हैं — पर गुस्सा जल्दी आता है, जोखिम उठाने का शौक़ होता है, और ज़िंदगी में उतार-चढ़ाव बहुत आते हैं। मनोवैज्ञानिक इसे “बार्नम इफ़ेक्ट” कहेंगे: बातें इतनी आम हैं कि लगभग हर किसी पर फ़िट बैठ जाती हैं।
- निडर और आत्मविश्वासी — ज़िंदगी की लड़ाइयों के लिए हिम्मत की कोई कमी नहीं।
- बहुत महत्वाकांक्षी — ऊँचा ओहदा मिले बिना चैन नहीं आता।
- पैदाइशी ऑर्गनाइज़र — बड़ी चीज़ें संभालने में सबसे ज़्यादा ख़ुश: सरकार, लीडरशिप, इंडस्ट्री, बिज़नेस।
- मेहनती — जिस काम में हाथ डालें, उसे आगे बढ़ा देते हैं।
- रोमांच-पसंद — हर नई चुनौती का इंतज़ार रहता है।
- ज़बरदस्त उतार-चढ़ाव — कभी घी घना, कभी मुट्ठी भर चना।
- धीमी शुरुआत — परंपरा के मुताबिक़ 35 के आसपास तक मन का काम नहीं मिलता।
- जल्दी गुस्सा — चिड़चिड़े, हुक्म चलाने वाले, ज़िद्दी।
- जोखिम का शौक़ — कभी-कभी दांव हाथ से निकल जाता है।
शनि के अनुशासन वाले महीने में मंगल की हिम्मत: एक निडर इंसान जो मेहनत के दम पर ऊपर उठता है — बशर्ते अपने गुस्से और जोखिम के शौक़ पर काबू रख सके।
यह रीडिंग इतनी सही क्यों लगती है?
1949 में एक मशहूर क्लासरूम प्रयोग में 39 छात्रों को एक-एक “पर्सनल प्रोफ़ाइल” दी गई1। असल में सबको एक ही टेक्स्ट मिला था, जिसका ज़्यादातर हिस्सा एक ज्योतिष की किताब से लिया गया था। 0 से 5 के पैमाने पर छात्रों ने इसे औसतन 4.26 नंबर दिए।
ऐसे आम वर्णन लगभग हर किसी पर फ़िट हो जाते हैं। इसे ख़ुद को समझने के लिए आईने की तरह इस्तेमाल करें — फ़ैसले की तरह नहीं। 33–35 साल की उम्र में आने वाले “टर्निंग पॉइंट” पर भी यही बात लागू होती है: कोई भी जन्मतिथि किसी की ज़िंदगी का टाइम-टेबल तय नहीं करती।
क्या मूलांक 9 वालों के सच में ज़्यादा दुश्मन बनते हैं और दुर्घटनाएँ होती हैं?
मूलांक 9 वाले अनजाने में ताक़तवर दुश्मन बना लेते हैं, उनके ख़िलाफ़ साज़िशें होती हैं और धोखा मिलता है, बुढ़ापे में झूठे दोस्तों की वजह से नाम पर आँच आ सकती है — और रोमांच का शौक़ ख़तरे और कई दुर्घटनाएँ लाता है।
ऐसा कोई सबूत नहीं है कि जन्मतिथि की वजह से दुश्मन बनते हैं, धोखा मिलता है या दुर्घटनाएँ होती हैं। ऐसी भविष्यवाणियाँ मन में बेवजह शक पैदा करके असल नुक़सान कर सकती हैं। बड़े करियर में मतभेद होना आम बात है। अगर गुस्से की वजह से रिश्तों में खटास आती है, तो उस पर काम करें — आपका जन्मदिन चाहे जो हो।
हाँ, चोट लगने का ख़तरा हर किसी के लिए असली है: WHO के मुताबिक़ हर साल 31.6 लाख लोगों की मौत अनजाने में लगी चोटों से होती है, जिनमें से लगभग एक-तिहाई सड़क हादसों में3। इसलिए रोमांच को हल्के में न लें — सीट बेल्ट, हेलमेट, सही सेफ़्टी गियर, और शराब पीकर कभी गाड़ी न चलाएँ। ये आदतें किसी भी लकी नंबर से ज़्यादा काम आती हैं।
मूलांक 9 वालों के लिए कौन-सा करियर और पैसे का रास्ता ठीक है?
मूलांक 9 वाले लीडरशिप, सरकारी और इंडस्ट्री के बड़े पदों के लिए बने हैं। 18 या 27 तारीख को जन्मे लोगों के बारे में कहा जाता है कि लगभग 35 से 60 साल की उम्र तक उनके हाथ से बड़ी रक़म गुज़रती है — और उसके बाद उन्हें अपना पद और पैसा बहुत संभालकर रखना चाहिए।
कोई जन्मतिथि यह तय नहीं करती कि पैसा कब आएगा — या आएगा भी या नहीं। लेकिन जोखिम भरे दांव से बचने वाली सलाह हर उस इंसान के लिए सच में अच्छी है, जिसे रिस्क लेना पसंद है।
रिस्क लेने वालों के लिए पैसे की समझदार आदतें
- किसी भी जोखिम वाले काम में उतरने से पहले तय कर लें कि आप कितना नुक़सान झेल सकते हैं।
- अपना सारा पैसा कभी एक ही बिज़नेस या निवेश में न लगाएँ।
- इमरजेंसी फ़ंड अलग रखें — निवेश वाले पैसे से बिल्कुल अलग।
- बुढ़ापे की प्लानिंग जल्दी शुरू करें — हमेशा कमाई के सबसे अच्छे सालों के भरोसे न रहें।
- लकी नंबर या तारीख देखकर पैसों का फ़ैसला कभी न करें।
मूलांक 9 वालों को किससे शादी करनी चाहिए?
शादी के बाद मूलांक 9 वालों की सामाजिक हैसियत बढ़ती है, और आगे चलकर शादी से जुड़ा कोई अनोखा अनुभव होता है। कहा जाता है कि वे उन लोगों की ओर खिंचते हैं जिनकी जन्मतिथि का जोड़ 3, 6 या 9 हो (जनवरी वालों के लिए देखें मूलांक 3 और मूलांक 6)।
इन दावों को कभी बड़े पैमाने पर परखा नहीं गया — लेकिन इनके सबसे क़रीबी रिश्तेदार, यानी राशियों की जोड़ी मिलाने वाले दावे, बुरी तरह फ़ेल हुए हैं:
- स्वीडन की 66,063 शादियों की जाँच में इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि “मैच करने वाली” राशियों के जोड़ों की शादी ज़्यादा होती है या उनकी शादी ज़्यादा टिकती है4।
- 1 करोड़ से ज़्यादा जोड़ों (इंग्लैंड और वेल्स की 2001 की जनगणना) में कोई भी राशि-जोड़ी संयोग से ज़्यादा या कम नहीं दिखी5।
शादी इंसान से कीजिए, नंबर से नहीं।
परंपरा मूलांक 9 वालों की सेहत के बारे में क्या कहती है?
शरीर बहुत मज़बूत — लेकिन बढ़ती उम्र में दिल पर ज़्यादा ज़ोर पड़ने से “बिना किसी चेतावनी के अचानक मौत।”
साफ़ शब्दों में: कोई भी जन्मतिथि यह नहीं बता सकती कि किसे दिल की बीमारी होगी, या किसकी मौत कैसे होगी। ऐसी बातों को दिमाग़ में ज़रा भी जगह न दें।
हाँ, दिल की सेहत हर किसी के लिए ज़रूरी है। दिल और नसों की बीमारियाँ (कार्डियोवैस्कुलर डिज़ीज़) दुनिया में मौत की सबसे बड़ी वजह हैं — 2022 में लगभग 1.98 करोड़ मौतें — और WHO के मुताबिक़ इनमें से ज़्यादातर को रोका जा सकता है, अगर तंबाकू, ख़राब खान-पान, कसरत की कमी, ज़्यादा शराब और वायु प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए6।
“बिना चेतावनी” वाली बात में सच्चाई का एक दाना ज़रूर है: नसों की बीमारी में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते, और हार्ट अटैक या स्ट्रोक ही पहला संकेत हो सकता है7। इसीलिए नियमित चेक-अप — ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल — ख़तरे को महसूस होने से बहुत पहले पकड़ लेते हैं।
सीने में दर्द या बेचैनी; बाँहों, बाएँ कंधे, जबड़े या पीठ में दर्द; साँस फूलना; जी मिचलाना; ठंडा पसीना; चक्कर आना या सिर हल्का लगना6।
ये लक्षण दिखें? तुरंत इमरजेंसी सेवा को कॉल करें। भारत में 112 डायल करें।
मूलांक 9 के शुभ अंक और शुभ तारीखें कौन-सी हैं?
आपका पावर नंबर है 9। सबसे शुभ तारीखें: हर महीने की 9, 18 और 27। परंपरा कहती है कि जिन तारीखों का जोड़ 4 या 8 हो, उन पर सावधान रहें — यानी 4, 8, 13, 17, 22, 26 और 31 तारीख। इनमें से किसी भी बात का कोई सबूत नहीं है, पर लाल वाले दिन देखने में अच्छे ज़रूर लगते हैं।
- 11
- 22
- 33
- 44
- 55
- 66
- 77
- 88
- 99
- 101
- 112
- 123
- 134
- 145
- 156
- 167
- 178
- 189
- 191
- 202
- 213
- 224
- 235
- 246
- 257
- 268
- 279
- 281
- 292
- 303
- 314
| सबसे शुभ (जोड़ 9) | जोड़ 4 | जोड़ 8 |
|---|---|---|
| 9 तारीख | 4 तारीख | 8 तारीख |
| 18 (1+8) | 13 (1+3) | 17 (1+7) |
| 27 (2+7) | 22 (2+2) | 26 (2+6) |
| 31 (3+1) |
परंपरा कहती है कि बड़े काम 9 वाली तारीखों पर करें और 4 व 8 को “शुभ कम, भारी ज़्यादा” मानें। मज़े की बात यह है कि किताब की अपनी सूची में 31 तारीख छूट गई है — जबकि 3 + 1 = 4 होता है। लोक-मान्यताओं की किताबें भी पूरी तरह सही नहीं होतीं।
जिन लोगों का मूलांक ख़ुद 4 या 8 है, उनके लिए: जनवरी में जन्मे मूलांक 4 · जनवरी में जन्मे मूलांक 8
मूलांक 9 वालों की ज़िंदगी के ख़ास साल कौन-से हैं?
परंपरा उन उम्रों को “क्लाइमैक्टेरिक” यानी बड़े बदलाव वाले साल कहती है, जिनके अंकों का जोड़ 9 हो: 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72, 81 और 90 — और इनमें 63 पुराना “ग्रैंड क्लाइमैक्टेरिक” भी है। ज़िंदगी तय समय पर बदलती हो, इसका कोई सबूत नहीं है।
- 9
- 18
- 27
- 36
- 45
- 54
- 63“ग्रैंड क्लाइमैक्टेरिक”
- 72
- 81
- 90
थोड़ा इतिहास
“क्लाइमैक्टेरिक साल” का असली मतलब कुछ और ही था: 7वाँ, 14वाँ, 21वाँ और सात के हर गुणज वाला साल, जिसके बारे में माना जाता था कि वह शरीर और क़िस्मत में बड़ा मोड़ लाता है। सबसे ज़्यादा डर 63वें साल (7 × 9) का था — यही “ग्रैंड क्लाइमैक्टेरिक” कहलाता था8। संयोग देखिए, 63 मूलांक 9 की सूची में भी है — 6 + 3 = 9। बाद में यह शब्द बदलकर मेनोपॉज़ (रजोनिवृत्ति) के दौर के लिए इस्तेमाल होने लगा।
मूलांक 9 के लिए कौन-से रंग और रत्न शुभ हैं?
रंग: गुलाबी, किरमिजी और लाल का हर शेड — दोनों परंपराएँ इस पर सहमत हैं, क्योंकि लाल रंग मंगल का है। रत्न: पश्चिमी परंपरा माणिक, गार्नेट और ब्लडस्टोन बताती है; भारतीय नवरत्न पद्धति में मंगल का रत्न मूंगा है। किसी भी रत्न से भाग्य, सेहत या रिश्ते बदलते हों, यह साबित नहीं हुआ है।
शुभ रंग
परंपरा कहती है कि “अपनी चुंबकीय तरंगें बढ़ाने” के लिए गुलाबी, किरमिजी और लाल के सारे शेड पहनें। भारतीय परंपरा भी यही कहती है: मंगल का रंग लाल है। यह रहा आपका कलर पैलेट:
क्या यह सिर्फ़ प्रतीक है? बिल्कुल। लेकिन जिन रंगों में आप अच्छा महसूस करते हैं, उन्हें पहनने से आत्मविश्वास सच में बढ़ता है — यह बात सही है।
शुभ रत्न
पश्चिमी परंपरा: माणिक (रूबी), गार्नेट और ब्लडस्टोन।
भारतीय परंपरा की राय अलग है: नौ रत्नों वाली नवरत्न पद्धति में मंगल का रत्न मूंगा है। वहाँ माणिक सूर्य का रत्न है, और गोमेद (हेसोनाइट गार्नेट) राहु का।
- ब्लडस्टोन लाल नहीं होता। यह गहरे हरे रंग का कैल्सेडनी पत्थर है, जिस पर आयरन-ऑक्साइड के लाल छींटे होते हैं9।
- रत्नों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। गर्म करना, रंगना, दरारें भरना और ऊपर से कोटिंग करना आम बात है10। पूछें कि पत्थर नेचुरल है या नहीं, और महँगे रत्न के लिए किसी स्वतंत्र लैब की रिपोर्ट ज़रूर लें।
- पैसे पत्थर के दें, वादों के नहीं। किसी भी रत्न का भाग्य, सेहत या प्यार पर असर साबित नहीं हुआ है।
- भारतीय परंपरा का पालन करें: परंपरा में रत्न पूरी जन्म-कुंडली देखकर ही बताए जाते हैं — सिर्फ़ जन्मतिथि देखकर कभी नहीं।
मूलांक 9: छोटे सवाल, सीधे जवाब
27 जनवरी को कौन-सी राशि होती है?
पश्चिमी (सायन) ज्योतिष में कुंभ (Aquarius), क्योंकि सूर्य हर साल 19 से 21 जनवरी के बीच कुंभ में चला जाता है। भारतीय (निरयन) ज्योतिष में 27 जनवरी को सूर्य मकर राशि में होता है, जिसमें वह मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी के आसपास प्रवेश करता है।
मूलांक 9 वालों का स्वभाव कैसा होता है?
परंपरा के हिसाब से मूलांक 9 वाले बहादुर, महत्वाकांक्षी और चीज़ों को अच्छे से संभालने वाले लीडर होते हैं, जो मेहनत करते हैं और चुनौतियाँ पसंद करते हैं। पर ये ज़िद्दी, बेसब्र और जोखिम उठाने वाले भी हो सकते हैं। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि ऐसे वर्णन इतने आम होते हैं कि लगभग हर किसी पर सही लगते हैं।
मूलांक 9 के लिए शुभ रंग कौन-सा है?
लाल, हर शेड में — गुलाबी, किरमिजी, सिंदूरी और गहरा लाल। पश्चिमी न्यूमेरोलॉजी और भारतीय परंपरा, दोनों मूलांक 9 के स्वामी मंगल को लाल रंग से जोड़ती हैं। पसंदीदा रंग पहनने से आत्मविश्वास सच में बढ़ता है, भले ही भाग्य वाली बात सिर्फ़ प्रतीक हो।
मूलांक 9 वालों को कौन-सा रत्न पहनना चाहिए?
पश्चिमी परंपरा माणिक, गार्नेट और ब्लडस्टोन बताती है। भारतीय नवरत्न पद्धति में मंगल का रत्न मूंगा है; वहाँ माणिक सूर्य का रत्न है। परंपरा के अनुसार रत्न पूरी जन्म-कुंडली देखकर ही पहनना चाहिए — और किसी भी रत्न का भाग्य या सेहत पर असर साबित नहीं हुआ है।
मूलांक 9 की शुभ तारीखें कौन-सी हैं?
किसी भी महीने की 9, 18 और 27 तारीख — जिनके अंक जोड़ने पर 9 आता है, जो मंगल का अंक है। परंपरा कहती है कि जिन तारीखों का जोड़ 4 या 8 हो, उन पर सावधान रहें: 4, 8, 13, 17, 22, 26 और 31 तारीख। तारीखों से नतीजे बदलते हों, इसका कोई सबूत नहीं है।
मूलांक 9 वालों को किन अंकों से बचना चाहिए?
इस परंपरा में 4 और 8 से, जिन्हें मूलांक 9 के लिए “शुभ कम, भारी ज़्यादा” बताया गया है। मज़े की बात यह है कि किताब की अपनी सूची में 31 तारीख छूट गई है, जबकि 3 + 1 = 4 होता है। इसे लोक-मान्यता समझें, सच्चाई नहीं: कोई भी अंक बदकिस्मती नहीं लाता।
क्या मूलांक 9 और भाग्यांक 9 एक ही हैं?
नहीं। मूलांक सिर्फ़ जन्म की तारीख (दिन) से निकलता है: 9, 18 या 27 — तीनों का जोड़ 9 है। भाग्यांक (लाइफ़ पाथ नंबर) पूरी जन्मतिथि के सारे अंक जोड़कर निकलता है। यह गाइड मूलांक के बारे में है, यानी “9, 18 या 27 तारीख को जन्म” वाली बात।
क्या 9 नंबर लकी होता है?
न्यूमेरोलॉजी में हाँ — 9 मंगल का अंक है: हिम्मत, जोश और नेतृत्व। विज्ञान की नज़र से नहीं — किसी भी कंट्रोल्ड स्टडी में किसी लकी नंबर का सेहत, पैसे या रिश्तों पर कोई असर नहीं दिखा। मूलांक 9 का सबसे अच्छा इस्तेमाल यही है कि इसे उन गुणों की याद की तरह देखें जिनका यह प्रतीक है।
मूलांक 9 पर आख़िरी बात
जनवरी में जन्मे मूलांक 9 वालों की पारंपरिक तस्वीर बड़ी दमदार है: बहादुर, महत्वाकांक्षी, और जब ठान लें तो उन्हें कोई रोक नहीं सकता।
इसका सबसे अच्छा संदेश समझने के लिए न्यूमेरोलॉजी की ज़रूरत ही नहीं। हिम्मत और महत्वाकांक्षा आपको सबसे आगे तब ले जाती हैं, जब साथ में समझदारी हो — और जब आप अपने दिल, अपने पैसे और अपने आसपास के लोगों का ख़याल रखें, आपका जन्मदिन चाहे जो भी हो।
स्रोत
राशि की तारीखें खगोलीय सॉफ़्टवेयर1314 और सूर्य के राशि बदलने के प्रकाशित डेटा से जाँची गई हैं, जिनमें अयनांत (सोल्स्टिस) का समय11 और भारतीय पंचांग की सूचियाँ12 शामिल हैं। राशि बदलने का सटीक समय साल, टाइम ज़ोन और गणना के तरीक़े के हिसाब से थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।
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- "Cardiovascular diseases (CVDs)." WHO, 31 July 2025. who.int
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- Swiss Ephemeris. Astrodienst. astro.com/swisseph
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- You and Your Star / The Book of the Zodiac, January chapter. Early-20th-century numerology manual. archive.org
संपादक की ओर से: सेहत, पैसे और ज्योतिष से जुड़ी ज़रूरी सूचना
यह लेख पारंपरिक अंक ज्योतिष और ज्योतिष की बातें सिर्फ़ जानकारी और सोचने-समझने के लिए पेश करता है। ये रीडिंग प्रतीकात्मक हैं — स्वभाव, सेहत, पैसे या रिश्तों के बारे में वैज्ञानिक रूप से साबित तथ्य नहीं। इनसे बीमारी, दुर्घटना, धोखे, कामयाबी के समय या किसी की मौत के बारे में भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
सेहत। यहाँ लिखी कोई भी बात डॉक्टरी सलाह नहीं है। नियमित चेक-अप से दिल की बीमारी का ख़तरा जल्दी पकड़ में आता है; हार्ट अटैक के लक्षण दिखें तो तुरंत इमरजेंसी सेवा को कॉल करें।
पैसा। यहाँ लिखी कोई भी बात वित्तीय सलाह नहीं है। लकी नंबर और तारीखें देखकर पैसों के फ़ैसले कभी नहीं करने चाहिए।
रत्न। किसी भी रत्न का भाग्य, सेहत या रिश्तों पर असर साबित नहीं हुआ है।
रिश्ते। कोई रिश्ता शुरू करना है, निभाना है या ख़त्म करना है — यह फ़ैसला, या किसी इंसान के बारे में आपकी राय, कभी जन्मतिथि देखकर नहीं बननी चाहिए।